आदर्श करियर सेंटर (एमसीसी) एवं रोजगार कार्यालयों को परस्पर जोड़ना

राष्ट्रीय करियर  सेवा (एनसीएस) परियोजना ने आदर्श करियर  केंद्र (एमसीसी) की स्थापना की परिकल्पना की है, जो एनसीएस का वस्तुपरक मॉडल है, जिसमें अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा है और यह करियर  परामर्श के केंद्र के रूप में कार्य करेगा और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से रोजगार चाहने वालों और नियोक्ताओं को, राज्यों और अन्य संस्थानों के सहयोग से करियर  संबंधी सेवाएं जैसे कि रोजगार मेलों का आयोजन, नियोक्ताओं को जुटाना, स्थानीय स्तर पर करियर  परामर्शआदि प्रदान करेगा। सरकार राज्यों को प्रस्तावों और योजना दिशानिर्देशों के आधार पर आदर्श करियर  केंद्र स्थापित करने के लिए  वित्तीय सहायता प्रदान करती है। प्रत्येक आदर्श करियर केंद्र को केंद्र के साथ प्रबंधन और मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय के लिए तीन साल (5 साल तक बढ़ाया जा सकता है) की अवधि के लिए एक युवा पेशेवर उपलब्ध कराया गया है। इन आदर्श करियर  केंद्रों को राज्यों द्वारा अपने संसाधनों से प्रतिकृत किया जा सकता है।

अब तक, एनसीएस परियोजना के तहत  337  एमसीसी (7 गैर-वित्त पोषित सहित)को मंजूरी दी गई है । ऐसे एमसीसी स्थापित करने के इच्छुक राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से इन केंद्रों में दी जाने वाली सेवाओं को अन्य रोजगार कार्यालयों में प्रतिकृत की अपेक्षा की जाएगी।

एमसीसी से स्थानीय युवाओं और अन्य रोजगार चाहने वालों को, आसपास के सभी संभावित/उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जुड़ने की आशा है। एमसीसी, इच्छुक रोजगार चाहने वालों के लिए आउटरीच और परामर्श गतिविधियों का संचालन करेंगे। केंद्र सरकार राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को 16 मार्च, 2022 को जारी संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक नए एमसीसी की स्थापना के लिए 60 लाख रुपये तक की सहायता अनुदान देगी।

रोजगार कार्यालयों को परस्पर जोड़ना:

इस योजना में, रोजगार महानिदेशालय (डीजीई), बुनियादी आईटी  ढांचे, 978 से अधिक+ रोजगार कार्यालयों के मामूली नवीनीकरण और तिमाही आधार पर जिला स्तर पर रोजगार मेलों के आयोजन के लिए धन मुहैया कराएगा। कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पहले से ही रोजगार सेवाओं के लिए अच्छी आईसीटी आधारित प्रणालियां हैं जबकि अन्य राज्यों को, रोजगार कार्यालयों में एनसीएस सेवाओं की पहुंच में सुधार के लिए कुछ बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। योजना की रूपरेखा और वित्त पोषण क्षेत्र इस प्रकार हैं:

(क) आईटी बुनियादी ढांचे में वृद्धि के लिए प्रति रोजगार कार्यालय में 3 लाख तक का एकमुश्त अनुदान।

(ख) कार्यालय परिसर के नवीनीकरण के लिए प्रति रोजगार कार्यालय में 5 लाख तक का एकमुश्त अनुदान।

(ग) जिला स्तर पर आयोजित किये जाने वाले प्रति तिमाही प्रति जॉब फेयर 2 लाख तक का अनुदान।

राज्यों द्वारा अपने प्रस्ताव भेजेजाएगे, जिसमें मोटे तौर पर राज्य विवरण, वित्तीय आवश्यकता - राज्य स्तर, रोजगार कार्यालयों का मूल विवरण, आईटी अवसंरचना और नवीनीकरण में आवश्यकता, रोजगार मेला विवरण आदि जैसे घटक शामिल हो। आईसीटी आधारित एकीकृत प्रणाली वाले रोजगार वालेकार्यालयों, राज्यों के लिए, एनसीएस पोर्टल के साथ राज्य डेटाबेस को जोड़ने के लिए वेब सेवाएं बनाई गई हैं। 

रोजगार कार्यालयों की स्थिति:

एनसीएस के इंटरलिंकिंग घटक के तहत अब तक, 28 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को निधियां जारी की गई हैं। अब तक, 17 राज्यों ने एकीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और7 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सीधे पोर्टल पर पंजीकरण कर रहे हैं।